Friday, December 30, 2016

दूर

वहाँ दूर भी जाके बैठे गे तो ये भी दूर बन जायेगा !!
मतलब !!

Sunday, November 20, 2016

निराशा की पराकाष्ठा

जो हाल है गीतों का वो ही तो बातों में हैं !!

लो अब कभी गिला न करेंगे किसीसे हम !!
बन जा राजा प्रजा को समझ !!
बन जा रानी राज कर !!

Thursday, October 20, 2016

सपनो की बरसात !!

देखो तो कमाल भूतकाल बढ़ाता ही जाता है !!
यह बरसात तो ज़िन्दगी है !!

Tuesday, June 21, 2016

कुछ तो देकर दिखा दे !!!

अगर मान  लु
कुछ  भी तेरा  नहीं है  !!
तो जो कुछ भी है तेरे पास !!
कुछ  तो देकर  दिखा  दे !!!
Give Give & Give !!



चल अपनी धुन में

तेरी  बातों  को बक बक समझती है  'गर  ये  दुनिया !!
गलत ये सोच है  सारी  !!
सुन  जरा  ध्यान से ..
ये  बात  नहीं  कोई  गीत  है  !!!
एक सुर एक ताल  से ..
गीत  है  तेरा ..
गुनगुना ले   प्यारे   !!!
परछाई कहती है क्या?






ये तो कल की बात होंगी !!!

रोक  लो उनको !!
नहीं  रोका  गर  क्या होगा ?
ये तो कल की बात  होंगी !!!



आदत ने हद कर दी है !!

गुजरे कल   के  मार की पी डा  आज है !!
कल्पना  आने  वाले  कल  की  डरा रही  है !!
आज  खोता  रहा  हु
बस  यही आदत ने हद  कर दी है !!
...
अवरोध को देखो बार बार
अरे राग में खोने वाले बेराग को सुन
यही तो ताल है राग बे राग का 
बन जाता है बैराग 
ये मौत ये बेबशी और ये बैराग 
युही बुद्ध बनते नही 
...
कमाल तो देखो माया का 
राग पसंद छोड़ती नही 
गति जीवन जानकर
अवरोध भूल जाती है
तो क्यों न बैराग को
.....
क्या तारा बन जायेगा
तारे और ये सहारे

विस्मृति के कुए के इर्द गिर्द
दुनिया है सारी 
फैकते रहते है सिकंदर को भी
अब तेरी भी बारी है 


ये होना न होना

ये होना न होना
पहचान  गये  हम
दुनिया क्यों न सलाम  करे  !!
--/////
हरी से दूर भयो मिली माया !!
कौन कहत तू काहे फसाया !!


Sunday, April 17, 2016

!!!! अगर

कई बार मुझे ऐसा  लगता है अज्ञान एक अभिशाप है !!  पढाई करते नहीं !! बस का बोर्ड पढ़  नहीं !!  गलत   बस  में  बैठ  गए  !! अगर मालूम पड़ा तो कंडक्टर  ने बिच में उतारा  !! यहाँ किसकी भूल !! क्या  ज़िन्दगी  ज्ञानी  के  लिए  ही है ??  मुझे एक गीत याद  आता  है !! जैसे अज्ञानी को लूटता  है !!


सैयादों की इस बस्ती मे
अंजान को बेचा जाता है



अगर व्यापारी खुद बता  दे  की  यह माल  यहाँ  सस्ता मिलता है  तो !!!! अगर  न्यूज़  वाला   गरीब  का फोटो  दिखाकर  पेपर  पब्लिसिटी के  बदले उस गरीब को  खुद ही कुछ  दे तो !!!  


Thursday, February 25, 2016

यह सूत्र

आवेगस्य  शमनं स्वधर्मेण  ... यह सूत्र विनोबाजी की शोध है !
आवेग के बारे में बहोत चर्चे है किन्तु आवेग ईश्वर की देन  है !! गति है !!  और गति ही जीवन है !! और गति का योग्य मार्ग है !!यहाँ  ही पैदा होता है स्वधर्म !! ज्यादातर लोगो ने धर्म का अर्थ संप्रदाय निकला है जो गलत है !! धर्म का अर्थ अपना फ़र्ज़ी कर्म है !!


Sunday, January 31, 2016

तेरी सहर

हा मुझे  मालूम है
मुझमे ही खो गया  हु मै !
तेरी सहर मेरी डगर
फरियाद सुन सका हु मै  !

न रोक सको जाने वाले को
न कर ला  सके राम भी !!




ભોગી ઓ માપ માં રહો!

 ફળ સામે જ છે જ્યારે કર્મ તેની પૃષ્ઠ ભૂમિમાં છે. વનસ્પતિ ઘાસ નું વધવું ઘટવું તેમાં વાઘ હરણો તો કર્મ છે. ઘાસ વધી જાય ત્યારે હરણ ના બચ્ચા વધી ...