प्रभु मैंने सिर्फ तुम्हे ही खोजने के सिवा कोई काम नहीं किया है !! सर्व जगह पर तुही नज़र आता है !! विनोबा जी ने गीता में विश्वदर्शन रूप का सुन्दर वर्णन किया है
http://archive.org/details/Vinoba_Bhave_Geeta_Pravachan_Hindi
प्रति क्षण तू ही तू ही !! मुझे इस गीत की कुछ पंक्तिया इतनी रोचक लगती है !! जैसे विश्वदर्शन रूप प्रभु में खोया !!
http://www.youtube.com/watch?v=EYqIOYE1ppU
एक गीत मुझे बहोत पसंद है !! यहाँ जोड़ता हु !!
तेरी ही रहगुजरो में खो गया हु मैं !!
http://archive.org/details/Vinoba_Bhave_Geeta_Pravachan_Hindi
प्रति क्षण तू ही तू ही !! मुझे इस गीत की कुछ पंक्तिया इतनी रोचक लगती है !! जैसे विश्वदर्शन रूप प्रभु में खोया !!
http://www.youtube.com/watch?v=EYqIOYE1ppU
एक गीत मुझे बहोत पसंद है !! यहाँ जोड़ता हु !!
तेरी ही रहगुजरो में खो गया हु मैं !!