कई बार मुझे ऐसा लगता है अज्ञान एक अभिशाप है !! पढाई करते नहीं !! बस का बोर्ड पढ़ नहीं !! गलत बस में बैठ गए !! अगर मालूम पड़ा तो कंडक्टर ने बिच में उतारा !! यहाँ किसकी भूल !! क्या ज़िन्दगी ज्ञानी के लिए ही है ?? मुझे एक गीत याद आता है !! जैसे अज्ञानी को लूटता है !!
अगर व्यापारी खुद बता दे की यह माल यहाँ सस्ता मिलता है तो !!!! अगर न्यूज़ वाला गरीब का फोटो दिखाकर पेपर पब्लिसिटी के बदले उस गरीब को खुद ही कुछ दे तो !!!
सैयादों की इस बस्ती मे
अंजान को बेचा जाता है
अगर व्यापारी खुद बता दे की यह माल यहाँ सस्ता मिलता है तो !!!! अगर न्यूज़ वाला गरीब का फोटो दिखाकर पेपर पब्लिसिटी के बदले उस गरीब को खुद ही कुछ दे तो !!!
