प्रभु यहाँ सर्वत्र होते हुए भी ओजल है ...
वो जलवा जो ओजल भी है सामने भी वो जलवा चुराने को जी चाहता है
यहाँ प्रभु की व्याख्या ऊँची है !!वैसे देखने जाओ तो प्रभु एक ही है !! सभी धर्मो का सार है !! मन मुरख तू कहा फिर है हरी तो तेरे पास !! इसी गीत का यह मुझे बहोत अच्छा लगा है !!
मरने की बात
इश्क में जानते है जाने गई फिरभी कहेते है अजमाना है
जिंदगी का अजब फ़साना है
रोते रोते भी मुस्कराना है
याद
किसीकी यादमे दुनिया को है भुलाये हुए
जमाना गुजरा है अपना ख्याल आए हुए ॥
किसीके हुश्न की बस एक किरन ही काफी है
ये लोग क्यों शम्मा को मेरे आगे है लाये हुए !
आग
एक ऐसी आग लगी मन में
वो जलवा जो ओजल भी है सामने भी वो जलवा चुराने को जी चाहता है
यहाँ प्रभु की व्याख्या ऊँची है !!वैसे देखने जाओ तो प्रभु एक ही है !! सभी धर्मो का सार है !! मन मुरख तू कहा फिर है हरी तो तेरे पास !! इसी गीत का यह मुझे बहोत अच्छा लगा है !!
मरने की बात
इश्क में जानते है जाने गई फिरभी कहेते है अजमाना है
जिंदगी का अजब फ़साना है
रोते रोते भी मुस्कराना है
याद
किसीकी यादमे दुनिया को है भुलाये हुए
जमाना गुजरा है अपना ख्याल आए हुए ॥
किसीके हुश्न की बस एक किरन ही काफी है
ये लोग क्यों शम्मा को मेरे आगे है लाये हुए !
आग
एक ऐसी आग लगी मन में
जीने भी न दे मरने भी न दे
चुप हु तो कलेजा जलता है
चुप हु तो कलेजा जलता है
बोलू तो तेरी रुसवाई है
सिने में सुलगते है अरमान !
सपना
तुम कहेते हो ये जग सपना है हम कहेते है ये जग अपना है
तुम जनम गवा कर जाओगे हम जनम बिता कर जायेगे
संसार से भागे फिरते हो भगवन कहा तुम पाओगे
इस लोक को भी अपना न सके उस लोक में भी पछताओगे
याद करो वो चित्रलेखा का गीत
साहिर ने बहोत ऊँचे शब्द यूज़ किये है !!
सिने में सुलगते है अरमान !
सपना
तुम कहेते हो ये जग सपना है हम कहेते है ये जग अपना है
तुम जनम गवा कर जाओगे हम जनम बिता कर जायेगे
संसार से भागे फिरते हो भगवन कहा तुम पाओगे
इस लोक को भी अपना न सके उस लोक में भी पछताओगे
याद करो वो चित्रलेखा का गीत
साहिर ने बहोत ऊँचे शब्द यूज़ किये है !!