ज्यादा इमोसन से मत सोच। यहाँ गलती है खुद की क्या याद क्या अपनापन !! ये अपना सोचेंगे ।मैंने देखा है छोटे मन वाले छोटी सोच रख्खेगे । इनकी सोच पुरानी है
कई बार समजाया
न समजे तो क्या करे
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प्यार है तो नाज़ भी उठाया करो
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विराट नी अमरता
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अमीर बेकदर ग़रीब कद्रदान क्या काम के
गरीब मददगार हो अमीर कदरदान हो !!
अपनो के लिए तो गोटिया ही सही
कहाँ बेचना है इल्म को
जाने तो भी क्या
न जाने तो भी क्या
।।।।
मत निकल गुस्सा तू
मत समजाने जा कभी
समज भी एक चीज़ है
सबको ये आती नही
,,,
देह वास्तविकता प्रेक्टिकल
मन भावुकता आध्यात्मिक
समज ज्ञान
आत्मतत्व
काम हरि का दिल तू करना
तोहे हरि मिलेंगे
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कई बार समजाया
न समजे तो क्या करे
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प्यार है तो नाज़ भी उठाया करो
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विराट नी अमरता
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अमीर बेकदर ग़रीब कद्रदान क्या काम के
गरीब मददगार हो अमीर कदरदान हो !!
अपनो के लिए तो गोटिया ही सही
कहाँ बेचना है इल्म को
जाने तो भी क्या
न जाने तो भी क्या
।।।।
मत निकल गुस्सा तू
मत समजाने जा कभी
समज भी एक चीज़ है
सबको ये आती नही
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देह वास्तविकता प्रेक्टिकल
मन भावुकता आध्यात्मिक
समज ज्ञान
आत्मतत्व
काम हरि का दिल तू करना
तोहे हरि मिलेंगे
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