इतना कहेने पे आ गया है ये दिल
की किसीका सुनता ही नही !!
की किसीका सुनता ही नही !!
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अणु अणु सब जाने कहानी
मर गए चल गए लिख दिए सब जन
लिख कर बड़ी कहानी
रूप बनकर नाचे सब पुतले
आतम राम न बानी
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हकीकत ऐसी है जो हमें पसंद नहीं आती !!
कुछ हकीकत ऐसी है जो हमें पसंद नहीं आती !!
लेकिन है !!
यह गिफ्ट में मिली ज़िन्दगी !!
पल पल बदलता जिस्म !!
क्या नहीं कहता ?
गधे ज्ञानी के चर्चे में
फंस गयो राज ये जानी ,!!
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परमात्म तत्व से बना सत्व। बस यहासे कालेन बनता रज: । आकर्षित करता तम: । यह तो चित्र बना स्त्री का।
यह तम: गोल में जगता सत्व , छेद ता रज :, विस्फोटता परमात्म में मिलता । यही तो पुरुष है ।
भेदन से हुए अनेक टुकड़े तम: के!! यह विराट प्रक्रिया में नाश हो रहा अंधकार तम: । स्त्री और पुरुष । प्रभु के साधन ।
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