Tuesday, November 30, 2010

उसके साथ भगवन चले !!! अध्यात्म के सुर

चंदा और बिजली नमक फिल्म में नीरज की रचना वाला गीत में जिसके साथ कोई ना हो उसको याद कराया गया है -- साथ ना जिसके चलता कोई उसके साथ भगवन चले !! और भी कहा है -- ढूंढे जिसे मन सामने है वो जाए न पहेचाना लेकिन !! किस्मत की बात तो देखो !! फिर भी यात्रा वालो को कह भ डाला है दिल है तेरा साफ तो प्यारे घर में मथुरा काशी है !! ========= जय जगदीश की आरती में कहा है न "तेरा तुज्को अर्पण क्या लगे मेरा " ये बात सबको मालूम है !! इसी लिए तो युधिष्ठिरजी आश्चर्यो में यह भी कह गए है !! ==== दान करने के पीछे पागलपन तो देखो कुछ लोग कर्जा करके दान करते है !!! सोलह शुक्रवार नमक फिल्म में एक गीत में "उतना ही करो दान जितनी हो शक्ति " बहोत बड़ी बात कह दी है !! अमर नामक फिल्म में शकील ने कहा है !! इंसाफ का मंदिर है ये भगवन का घर है !! कहना है जो कह दे तुजे किस बात का भय है !! नास्तिक में ज्यादा पैसो से भी कोमेंट की है इतना भी न देना मुजको हो जाये अभिमान हरी दर्शन नाम की फिल्म में प्रदीप की रचना ऊँची है पञ्च तत्व से बनी कोठरिया जिसका नाम है काया ओ हर एक जिव रहे इस घर में देकर साँस किराया और यहाँ एक दर्शन की बात कह डालते है जिसको रे हम तुम कहते है दुनिया वो एक दर्शन मेला


No comments:

Post a Comment

ભોગી ઓ માપ માં રહો!

 ફળ સામે જ છે જ્યારે કર્મ તેની પૃષ્ઠ ભૂમિમાં છે. વનસ્પતિ ઘાસ નું વધવું ઘટવું તેમાં વાઘ હરણો તો કર્મ છે. ઘાસ વધી જાય ત્યારે હરણ ના બચ્ચા વધી ...